श्री सिद्धेश्वर
ब्रह्मर्षि गुरुदेव

शोर से आगे।स्वयं के करीब।

एक जीवन-यात्रा को जानें। एक वाणी को सुनें।
अपने मन के प्रश्नों के साथ इस पथ से जुड़ें।

यात्रा आरम्भ करें
भगवा पगड़ी और शाल में मुस्कुराते हुए ॐ सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव
साधना। सेवा। सार्थक जीवन।
आगे जानने के लिए स्क्रॉल करें
01 / इस व्यक्तित्व के पीछे की जीवन-यात्राजीवनगाथा जानें ↗
एक युवा भक्त को आशीर्वाद देते गुरुदेव
एक सान्निध्य। एक आशीर्वाद। एक आत्मीय जुड़ाव।
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जिस नाम को सुना है,
अब उसकी जीवन-यात्रा को जानें।

गुरुदेव कौन हैं,
इस नाम से आगे?

गुरु का मार्गदर्शन।
साधक का अनुशासन।
सेवा में समर्पित जीवन।

योगिराज श्री देवराहा बाबा के मार्गदर्शन से साधना के पथ और सेवा के संकल्प तक—उन सूत्रों को जानें जो ॐ सिद्धेश्वर ब्रह्मर्षि गुरुदेव की जीवन-यात्रा को जोड़ते हैं। शिक्षाओं से पहले, उस जीवन से परिचित हों जिससे वे जुड़ी हैं।

उनकी जीवन-यात्रा में आगे बढ़ें ↗
02 / अपने जीवन से जोड़ें

आज आपके मन में
क्या है?

गुरुदेव का एक शान्त क्षण, आँखें सहज रूप से बन्द
उस प्रश्न से शुरुआत करें जो आपके जीवन से जुड़ा लगे।
आन्तरिक शक्ति

भीतर देखें।
फिर कदम बढ़ाएँ।

दिल्ली के प्रवचन में गुरुदेव ने आत्मसंयम, ईमानदार आचरण और शान्त भाव से कार्य करने पर बल दिया। कठिन परिस्थिति में शुरुआत उस पक्ष से करें जो आपके हाथ में है—आपकी अपनी प्रतिक्रिया।

आत्मचिन्तन का एक प्रश्न

आज किस परिस्थिति में आप थोड़ा और शान्त रहकर उत्तर दे सकते हैं?

इस शिक्षा को समझें ↗

शिक्षाओं का सार · वेबसाइट की ओर से आत्मचिन्तन के प्रश्न

03 / स्वयं गुरुदेव को सुनेंITV GOLD · FACE TO FACE

एक मिनट।
शुरुआत सुनने से करें।

लिखित परिचय से आगे, अब एक संवाद सुनें। पिया ज्योति काचरू के साथ ‘फेस टू फेस विद गुरुदेव’ का पहला मिनट देखें।

लोग। आस्था। आत्मीयता।

अन्तर्मन की खोज।
एक साझा यात्रा।

प्रार्थना। सभाएँ। आत्मीय जुड़ाव के क्षण। गुरुदेव के सान्निध्य में जुड़े लोगों और उनकी साझा यात्रा की झलक देखें।

एक बड़ी सभा में गुरुदेव और भक्त
Gurudev Photos by Mayur संग्रह की एक सभाचित्रों की यात्रा देखें ↗
04 / SRI BRAHMRISHI ASHRAM · TIRUPATI

ठहरने का एक स्थान।
समझने का एक पथ।

श्री ब्रह्मर्षि आश्रम और आसपास के परिसर का आकाशीय दृश्य
TIRUPATI, ANDHRA PRADESH

श्वेत मन्दिरों के प्रांगण। हरियाली। सामूहिक ध्यान का स्थान। उस परिवेश को जानें जहाँ प्रार्थना, साधना और सेवा एक साथ जुड़ते हैं—और आगे की जानकारी आश्रम की टीम से लें।

यात्रा से पहले आश्रम की टीम से वर्तमान दर्शन व्यवस्था और कार्यक्रमों की पुष्टि करें।

यह जुड़ाव बना रहे

अगला विचार।
अगला कदम।

किसी शिक्षा पर फिर विचार करें। एक संवाद सुनें। नए संदेशों और कार्यक्रमों की घोषणाओं के लिए जुड़े रहें।

YouTube पर देखें ↗︎
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